• शिक्षक शिक्षार्थी की दृष्टि में छात्र-असंतोष


    डाॅ. अनुभा शुक्ला


    Designation : असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षा संकाय राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय,सिंगरामऊ, जौनपुर


    Journal Name : Reserach maGma




    Abstract :
    शिक्षा जगत् में छात्र.असंतोष की समस्या दिन.प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कई बार छात्रों के असंतोष की अभिव्यक्ति उग्र रूप धारण कर लेती है। अतः यह न केवल छात्रों एवं अध्यापकांे के लिए गम्भीर समस्या बन गयी है, वरन् राष्ट्र के लिए भी एक चुनौती है। छात्र.असंतोष की समस्या के केन्द्र.बिन्दु छात्र ही हैं। छात्रों के बाद यदि किसी का स्थान आता है तो वह है-अध्यापक, जिनका एक.दूसरे के साथ संपर्क बना रहता है। यही दोनों स्रोत ऐसे हैं, जो छात्र-असंतोष के कारकों पर प्रकाश डाल सकते हैं तथा तथ्य निरूपण कर सकते हैं। मुख्य शब्द असंतोष-संतोष का अभाव, मानसिक अनुभूति-मन.संबंधी संवेदना, विद्वेषात्मक-विरोधात्मक, ध्वंसात्मक-नाश करने का भाव, संक्षोभ- उत्तेजन, असहिष्णु-असहनशील, वैश्वीकरण-स्थानीय वस्तुओं व घटनाओं को विश्व स्तर पर रूपान्तरण करने की प्रक्रिया।


    Keywords :
    शिक्षक शिक्षार्थी, छात्र-असंतोष, अभिव्यक्ति उग्र रूप


    Reference :
    1. शैक्षिक निबंध: डाॅ0 राम सकल पाण्डेय, पृष्ठ 220, विनोद पुस्तक मंदिर, आगराय 2001। 2. सामाजिक समस्याएं: राम आहूजा, पृष्ठ 175, रावत पब्लिकेशन, नई दिल्ली, तृतीय संस्करण-2016। 3. निबंध दृष्टि: डाॅ0 विकास दिव्यकीर्ति एवं निशांत जैन, पृष्ठ 328, दृष्टि पब्लिकेशन, नई दिल्लीय 2017। 4. भारत की सामाजिक समस्याएँ मुद्दे और परिप्रेक्ष्य: डाॅ. सुनील कान्त भट्टाचार्य, पृष्ठ 41, राधा पब्लिकेशन्स, नई दिल्लीय 2004।

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